एक इन्सान जिसने पुरा एरोप्लेन खा लिया
Eating Man _Airplane
दुनिया के हर इंसान को खाने-पीने का शौक होता है. हम लोग जो चिजे खाते है चो दुनिया का हर एक श्ख्स खा सकता है,लेकिन दोस्तो आज हम आपको एक ऐसे इंसान के बारे में बताने जा रहे हैं जो दुनिया के हर इंसान से अलग चीजें खाना पसंद करता था. ये शख्स ऐसी चीजें खाता था, जिन्हें कोई आम इंसान खाने के बारे में सोच भी नहीं सकता. उस इंसान का नाम मिचेल लोटिटो (michel lotito) था. मिचेल फ्रांस (France) के रहने वाले थे और उन्हें अजीबोगरीब चीजें खाने का शौक था.
michel lotito का जन्म फ्रांस के ग्रेनोबल में 15 जून 1950 को हुआ था. लोटिटो जब छोटे थे तबसे उन्हें असामान्य चीजें खाने का शौक लग गया. उनकी इस बीमारी को मेडिकल की भाषा मे पिका कहा जाता है. यह एक ऐसी बीमारी होती है, जिसमें लोग इंसानी खाने को पचा नहीं पाते, जबकि असमान्य चीजें खाकर आसानी से पचा लेते हैं. शुरुआत में लोटिटो लोहे के छोटे छोटे टुकडे लेकर कांच के टुकड़े तक खा जाते थे.
Airplane Eating Man
लोग इन्हे असामान्य इन्सान मानते थे. लोटीटो को ये सब खाना अच्छा लगता था.उन का कहाना है की जब वो उबले हुये अंडे ,केले खाते तब उन्हे पचाने मे तकलिफ होती थी लेकिन जब वो लोहा ओर कांच जेसी चिजो को आसानी से पचा पाते थे. 1966 मे उन्होने इसाका प्रदसन सुरु किया.लोग बडी संखया मे लोटिटो का कारनामा देखने आते थे.उन्होने सब लोगो के सामने टेलिवीजन,साइकल,कम्पुटर जेसी चेजे खाकर दिखाया था.
लेकीन लोटीटो सबसे ज्यादा सुरखियो मे त आये जब उनहोने 1978 को एरोप्लेन को खाना सुरु किया. उन्होने एक एरोप्लेन को हि खा लिया.ये खाने के लियी उनको दो साल का समय लगा.ये हेरान करने वाली बात है.वो लोहे की चेजे खाने ले साथ पानी ओए मिनरल ओइल पिते थै,वो पेट्रोल भी पिजाते थे.वो कहते थे की पेट्रोल पीने से उनका गाला चिकन हो जाता था जिससे खाने को निगल ने मे असानी होती है.
Michel Lotito
ऐसी अजीबोगरीब खाने के लिये उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है. 25 जून 2007 को 57 साल की उम्र में उनकी सामान्य रुप से मौत हो गई.



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